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राजस्थान में शिक्षकों के तबादले का मुद्दा फिर गरमाया
विधानसभा में गूंजा ग्रेड-III शिक्षकों का सवाल, सरकार से जल्द नीति लाने की मांग
जयपुर।
राजस्थान में लंबे समय से लंबित शिक्षकों की तबादला नीति एक बार फिर राजनीतिक और शैक्षणिक बहस के केंद्र में आ गई है। शुक्रवार को राजस्थान विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान ग्रेड-III शिक्षकों के तबादले को लेकर सदन में तीखी बहस देखने को मिली। विपक्ष ने सरकार पर शिक्षकों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया, जबकि सरकार ने नियमों और प्रक्रियाओं का हवाला देते हुए अपना पक्ष रखा।
यह मुद्दा न केवल प्रशासनिक बल्कि सामाजिक और मानवीय दृष्टिकोण से भी बेहद संवेदनशील माना जा रहा है, क्योंकि इससे राज्य के लगभग दो लाख शिक्षक और उनके परिवार सीधे तौर पर प्रभावित हो रहे हैं।
🔎 क्या है पूरा विवाद
राजस्थान में ग्रेड-III शिक्षक वर्षों से अंतर-जिला तबादला नीति की मांग कर रहे हैं। वर्तमान व्यवस्था में अधिकांश शिक्षक एक ही जिले या दूरस्थ क्षेत्र में लंबे समय से कार्यरत हैं।
शिक्षकों का कहना है कि—
पारिवारिक जिम्मेदारियों
गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं
बच्चों की शिक्षा
और सामाजिक कारणों
के बावजूद उन्हें तबादले का कोई स्पष्ट विकल्प नहीं मिल पा रहा है।
सरकारी नियमों में अंतर-जिला तबादले का स्पष्ट प्रावधान न होने के कारण हजारों शिक्षक मजबूरी में दूर-दराज़ इलाकों में सेवा देने को विवश हैं।






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